भारत-फिजी के रिश्ते हुए और मजबूत, मोदीे: एक नाव पर हैं हमारी उम्मीदें!

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका की मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ बना दिया है। राबुका ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, और गांधी जी की प्रतिमा व किताबों को भी स्मृति-चिन्ह के रूप में प्राप्त किया।

सुवा में बनेगा 100-बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल

PM मोदी ने इस ऐतिहासिक बैठक में घोषणा की कि फिजी की राजधानी सुवा में 100-बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।
इसके अलावा भारत:

  • डायलिसिस यूनिट

  • समुद्री एम्बुलेंस

  • जन औषधि केंद्र

  • और जयपुर फुट कैंप भी फिजी में शुरू करेगा।

इन सब योजनाओं का मकसद है — स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना और आम लोगों को किफायती इलाज देना।

गिरमिटिया भाई-बहनों की विरासत को सलाम

PM मोदी ने कहा:

“19वीं सदी में भारत से गए 60,000 से ज्यादा गिरमिटिया भाई-बहनों ने मेहनत से फिजी की समृद्धि में योगदान दिया।”

उन्होंने फिजी में भारतीय मूल के लोगों की ऐतिहासिक भूमिका को आभार और गर्व के साथ याद किया। ये सांस्कृतिक कड़ी, आज दोनों देशों को जोड़ने वाली मजबूत नींव बन चुकी है।

“हम महासागर से दूर, पर आशाओं में साथ”

PM मोदी का यह बयान दिल जीत लेने वाला था:

“हमारी भौगोलिक दूरी है, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं।

उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत और फिजी, भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र, समावेशी, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के पक्षधर हैं।

“किसी देश को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए”

PM मोदी ने जोर देकर कहा कि:

  • हर देश की आवाज़ अहम है

  • छोटे राष्ट्रों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए

  • विकास की दौड़ में कोई पीछे ना रह जाए – यही भारत का विज़न है

ये दोस्ती और भी गहरी हो चली है…

भारत और फिजी का रिश्ता अब सिर्फ कूटनीतिक साझेदारी नहीं रहा, बल्कि यह एक भावनात्मक और मानवतावादी संबंध में बदल गया है।

जहां एक ओर फिजी भारत के सहयोग से स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ रहा है, अपने गिरमिटिया विरासत की जिम्मेदारी निभा रहा है – पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ।

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